बंदूक का लाइसेंस कैसे बनबाये और क्या क्या लगता हैं ! जानिए ~ Sikho Tech

बंदूक का लाइसेंस कैसे बनबाये और क्या क्या लगता हैं ! जानिए

 बंदूक का लाइसेंस कैसे बनबाये और क्या क्या लगता हैं ! जानिए 

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Gun Ka License Kaise Banaye and How To Apply Gun License In Hindi?  हमारे देश में आपके पास बंदूक या पिस्टल होना गर्व का विषय माना जाता है। देश में तमाम लोग इसे अपने एक शौक की तरह रखते है। लेकिन किसी आर्म्स लाइसेंस लेने के लिए तमाम तरह की सरकारी कार्यवाही करबानी पड़ती है। हम यहाँ पर बताएंगे कि आप किसी भी बंदूक या रायफल का लाइसेंस किस तरह बनबा सकते है। तो हम आपको आज इन्ही सब पेपर वर्क के बारें में भी विस्तार से बताने वाले है। आशा है कि आप सभी बिन्दुओ को ध्यान से पढ़ेंगे।



आज के समय ने बहुत से ऐसे लोग भी है जिनको अपनी जान का खतरा है और वह भी अपनी सुरक्षा के लिए एक बंदूक या राइफल या पिस्टल रखना चाहते है। कई लोग किसी सुरक्षा कंपनी में काम करना चाहते है तो कंपनी उनसे असलाह चाहती है कि उसके कर्मचारी के पास असलाह हो जिससे वह उनकी पूर्णरुप से सुरक्षा कर सके। अगर आपके पास अपनी लाइसेंसी बंदूक या राइफल है तो आपको सुरक्षा करने की नौकरी भी आसानी से मिल जाती है। इससे आपको तनखाह भी दुसरो से जायदा मिलती है। देश की कई राज्य सरकारें भी अपने यहाँ होमगार्ड की नौकरी के लिए भी बंदूक या राइफल का लाइसेंस रखने वाले उम्मीदवार को वरीयता देती है। इसके साथ अगर आपके पास बंदूक या राइफल का लाइसेंस है तो आप किसी भी बैंक में सुरक्षा गार्ड की आसानी से नौकरी कर सकते है। तो आपको समझ में आ गया होगा की अगर आपके पास अपना किसी तरह के असलाह का लाइसेंस है तो आप अपनी आमदनी में इजाफा कर सकते है। तो अब आपकी  लाइसेंस लेने के बारे में जिज्ञासा बढ़ गयी होगी। चलिए बताते है इसके बारे में...

भारत में गन का लाइसेंस का प्रोसेस
How to Get a legal gun licence in india?  भारत में बंदूक का लाइसेंस आर्म्स एक्ट 1959 के तहत दिया जाता है। इण्डिया में रहने वाले नागरिक सिर्फ NBP (नॉन प्रॉहिबिटेड बोर) के तहत बंदूक ले सकते है। इस एक्ट के तहत कोई भी सिटीजन अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक ले सकता है। जब आप बंदूक का लाइसेंस अप्लाई करते है तो आपको ये बताना पढता है कि आप ये लाइसेंस क्यों लेना चाहते है। सबसे पहले आपको यहाँ पर हम बता देते है कि आपको लाइसेंस लेने के लिए किन-किन डॉक्यूमेंट या पेपर की जरुरत पड़ती है। इसके लिए आपको आर्म्स एक्ट के तहत एक फॉर्म भर के जमा करना पड़ता है। जिसके बारे में आप आगे पूरी जानकरी जानेगें।  इसे आप नीचे दिए दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते है। या फिर आप सरकार की वेबसाइट www.mha.nic.in  पर भी जा कर डाउनलोड कर सकते है। भारत के किसी भी राज्य में आप रहते हो, हर प्रकार के लाइसेंस के लिए इस फॉर्म को जमा करना होता है। इसके साथ में कुछ सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट के साथ इस ऐप्लिकेशन फॉर्म को जिले के आर्म्स लाइसेंसिंग ऑफिस में जमा करना होता है। यह ऑफिस आपके यहाँ के ड्रिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट/डिप्टी कमिश्नर या पुलिस कमिश्नर में हो सकता है।    

सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट में क्या क्या देना होगा
सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट में आपको कई प्रकार के डॉक्यूमेंट देने पड़ते है। वैसे तो आपको अपनी पहचान, आपका पता और आपको अपनी फिटनेस का प्रूफ तो देना ही होता है। इसके आलावा आपको दो पोसपोर्ट साइज के फोटो भी देनी होती है। इसके साथ में आपको और अपना पहचान पत्र यानि वोटर आईडी या आधार कार्ड के साथ पिछले तीन साल का  Income Tax Return की भी पूरी जानकारी देनी होती है। इसके आलावा आपको ये भी बताना होता है कि आप कौन सी बंदूक लेने चाहते है।



इसके आलावा आपको अपना करैक्टर सर्टिफिकेट और किसी सरकारी डॉक्टर का फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ आपकी पढाई के सर्टिफिकेट की कॉपी जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी (उसके लिए आपकी हाई स्कूल की मार्कशीट भी मान्य होती है) भी देनी पड़ती है। आपको यह भी बताना पड़ता है कि आप कौन सी बंदूक या किस प्रकार की गन लेने चाहते है। इसके लिए आपको ये भी साबित करना होगा कि आपके लिए यह आर्म्स क्यों जरुरी है। इसके  लिए आपको एक नहीं कई कारण देने पड़ सकते है। तो अब आपने ये जान लिया कि आपको कौन से डॉक्यूमेंट देने होंगे। आप बंदूक का लाइसेंस अप्लाई करने से पहले इन सभी डॉक्यूमेंट के दो फोटो कॉपी सेट बना के रख ले जिससे आप अपने सभ डॉक्यूमेंट समय पर उपलब्द करा सके। अब आपको आवेदन करना बताते है कि कैसे करना है। ECR और Non-ECRकैटेगरी के पासपोर्ट में क्या अंतर होता है ?  जानिए ।

कौन कौन से आर्म्स आप ले सकते है
Bandook Ka License kaise banwaye?  भारत में आप आर्म्स एक्ट के तहत राज्य सरकार तीन तरह की ही बंदूक का लाइसेंस जारी कर सकती है। या फिर सामान्य नागरिक तीन तरह की बंदूक के लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते है। इन तीन प्रकार के आर्म्स के आलावा आपका  किसी अन्य प्रकार का लाइसेंस का आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा। ये तीन प्रकार है शॉटगन, हैंडगन और  स्पोर्टिंग गन। इसके साथ कोई भी भारतीय नागरिक एक नाम पर अधिक से अधिक तीन आर्म्स लाइसेंस ले सकता है या अपने पास रख सकता है। फिर ये तीनों चाहे एक ही प्रकार की बंदूक हो या पिस्टल या राइफल।  ये तीनो हथियार एक ही प्रकार के या अलग अलग प्रकार के हो सकते है। यह आपकी मर्जी पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का और कितने लाइसेंस लेने चाहते है। लेकिन आप अपने साथ अधिकतम कोई भी तीन बंदूक रख सकते है।

लाइसेंस की सरकारी फीस
यहाँ पर हम आपको बंदूक या पिस्टल का लाइसेंस की सरकारी फीस के बारे में बातएंगे। अब तक आपने डॉक्यूमेंट और उसकी कंडीशन या शर्ते जान ली है। आज के समय में बहुत से लोगो को सरकारी फीस के बारे में जानकारी बहुत कम है। जिसके कारण वह दलालों के चक्कर में पड़ के अपनी गाढ़ी कमाई की एक मोटी रकम दे देते है जिसकी उन्हें बाद में जानकारी मिलती है।



कई बार दलाल आपसे जायदा पैसे लेने के बाद भी आपका काम नहीं करा पता है और फिर आपका पैसा भी फंस जाता है। तो अगर आपके पास पूरी जानकारी होगी तो आप केवल सरकारी फीस जी जमा करेंगे। सामान्यता लाइसेंस की फीस बन्दूक के प्रकार पर निर्भर करती है कि आप कौन से बंदूक या पिस्टल लेना चाहते है। हमने आपको ऊपर तीन प्रकार के आर्म्स लाइसेंस बताये है। पहला शॉर्टगन दूसरा हैंडगन और तीसरा स्पोर्टिंग गन। तो शॉर्टगन या  लोडिंग गन बनबना है तो उसकी फीस मात्र 10 रुपये है। अगर आप हैंडगन यानि पिस्टल बनबा रहे है तो उसकी फीस 100 रुपये है। अगर आपका पुराना लाइसेंस है तो उसको रेन्यू करबाना है तो उसकी फीस 5 रुपये है। इसके आलावा आप फीस की लेटेस्ट जानकारी के लिए नजदीकी पुलिस स्टेशन/ ड्रिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट/ डिप्टी कमिश्नर ऑफिस में भी संपर्क कर सकते है। पेट्रोल पंपखोलने के लिए अनुमानित लागत और होने वाली कमाई का आंकलन 


आवेदन या फॉर्म कहाँ से ले
Gun Ka License online Apply. यदि आप बंदूक का लाइसेंस लेने चाहते है तो आपको एक फॉर्म में अपनी सभी जानकारी भर के जमा करना पड़ता है। इसके लिए आपको सबसे पहले इंडियन आर्म्स एक्ट 1959 के तहत फॉर्म A  भरना होगा। फॉर्म A  आपको आपके यहाँ के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेना होगा। इस फॉर्म के साथ आपको 10 रुपये के स्टाम्प पर नोटरी मजिस्ट्रेट कम्प्युटराइज्ड शपथ पत्र भी देना होता है। इस फॉर्म को आप जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से भी प्राप्त कर सकते है। इस आवेदन पत्र यानि फॉर्म A  में आप कोई भी कॉलम रिक्त नहीं छोड़ सकते है। आपको सभी कॉलम को भरना होगा पूरी जानकारी के साथ। पूरा फॉर्म भरने के बाद आपको इस फॉर्म  के साथ अपने सभी डॉक्यूमेंट को लगा के लाइसेंस कार्यालय में जमा करना होता है। ये कार्यालय आपके क्षेत्र के जिला अधिकारी/ डिप्टी पुलिस कमिश्नर या पुलिस कमिश्नर के यहाँ पर होगा।
जब आप इस फॉर्म को कार्यालय में जमा करायेगे तो वहां से आपको एक रसीद प्राप्त होगी इसके बाद विभाग अपनी कार्यवाही प्रारम्भ करेगा।

कहाँ कहाँ आपको जाना होगा
वैसे अगर आपके  फॉर्म में पूरी जानकारी ठीक ठीक दी गयी है तो आपको कही भी जाने की जरूरत नहीं होगी। सभी कार्यवाही संबधित विभाग खुद ही करेगा। इसमें सबसे पहले आपके आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच आपके स्थानीय थाने से की जाएगी कि आपके खिलाफ कोई केस तो दर्ज नहीं है। उसके पश्चात आपका आवेदन पुलिस के एलआईयू यानि लोकल इंटेलिजेंस यूनिट अपनी रिपोर्ट लगाएगी। इसके बाद आपके आवेदन वन विभाग और फिर पुलिस अधीक्षक के पास जायेगा। जब आपकी पूर्ण रिकॉर्ड की जानकारी ठीक पायी जाएगी तभी आपका आवेदन जिला अधिकारी या जिला मजिस्ट्रेट के पास जायेगा। वहां से अगर उनको आपकी सभी शर्ते पूरी लगेगी और आप उनको पूर्ण रुप से संतुस्ट कर देंगे तो आपको लाइसेंस मिल जायेगा। स्मार्टफोन गर्महो रहा है ऐसे ठंडा करें, काम के टिप्स 

फॉर्म रिजेक्ट या ख़ारिज भी किया जा सकता है
अगर अधिकारी को लगता है कि आपको लाइसेंस देने में कोई आपत्ति है या किसी ने आपके खिलाफ शिकायत अचानक से कर दी है तो आपका आवेदन ख़ारिज भी कर दिया जा सकता है। अगर आपका आवेदन ख़ारिज होता है और आप ये जानना चाहते है कि आपका आवेदन ख़ारिज क्यों किया गया है तो वह आपको आपके आवेदन ख़ारिज होने का कारण या जानकरी दे भी सकते है और नहीं भी। इसके लिए आप अधिकारी को बाध्य नहीं कर सकते है। वैसे जानकारी आपको तब नहीं दी जाती है जब अधिकारी को लगता है कि आवेदन ख़ारिज होने की जानकारी देना जनहित में नहीं है। या जिसने आपके खिलाफ शिकायत/ जानकारी दी है और उसकी जान को आपसे खतरा है। तो आपको वह कारण नहीं भी बता सकते है।

लेकिन अगर आपका आवेदन ख़ारिज हो जाता है तो आप आवेदन के लिए अपील कर सकते है। अपील में आप का आवेदन जिन कारण से रिजेक्ट किया गया है उनको दूर करके आपका लाइसेंस फिर बन सकता है।

लाइसेंस बनने में कितना समय लगता है
भारत सरकार के ग्रह मंत्रालय के अनुसार Gun Ka License देने की कोई तय समय सीमा नहीं है। लेकिन अगलग अलग प्रकार के लाइसेंस के बनने में अलग अलग समय लगता है। क्यों कि कई विभाग की रिपोर्ट लगती है और इसके साथ में आपके सभी डॉक्यूमेंट और आपका पूरा वेरिफिकेशन होता है जिसकी प्रक्रिया में अधिक समय लग जाता है।  लेकिन सामान्य तौर पर लाइसेंस बनने में एक माह से लेकर एक साल तक भी लग सकता है। यह समय आपके द्वारा जमा कराए गए डॉक्यूमेंट पर निर्भर करता है। कई बार अधिकारी की उपलब्दता पर भी ये समय निर्भर करता है। ये भी हो सकता है कि आपको एक साल बाद जानकारी हो कि आपका आवेदन ख़ारिज हो गया है तो ऐसे में आप कोई शिकायत नहीं कर सकते है कि आपका आवेदन एक साल तक क्यों रोक के रखा गया है।

लाइसेंस मिलने के बाद हथियार कहाँ से ख़रीदे    
जब आपका लाइसेंस मिल जाता है यानि कि बन जाता है उसके बाद आपको वह आर्म्स खरीदना होगा। आपने जिस आर्म्स के लिए अप्लाई किया था वही आर्म्स आपको खरीदना पड़ेगा। इसके लिए आप सरकार के अधिकृत डीलर से ही खरीद सकते है। अधिकृत डीलर आपसे जारी लाइसेंस की एक फोटो कॉपी और आपका आधार कार्ड के साथ दूसरी जरुरी कार्यवाही करके वह आपको आर्म्स दे देगा। इसके बाद आपने जो बंदूक या पिस्टल खरीदी है उसका नं आपके लाइसेंस पर दर्ज कर लिया जाता है जिससे भविष्य में किसी भी तरह आपके लाइसेंस के अनुसार आपके आर्म्स की जाँच और देखरेख की जा सके। जब भी कोई चुनाव होता तो आपको अपना आर्म्स किसी भी थाने इस किसी डीलर के पास जमा करना होता है जिससे आप किसी भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके।

आप अपने आर्म्स हथियार को कहां कहां ले जा सकते है
समान्य तौर पर आपको जो भी आर्म्स का लाइसेंस दिया जाता है वह राज्य सरकार के आधीन होता है और आप उसको अपने राज्य में कहीं पर भी ले कर जा सकते है या घूम सकते है। लेकिन अगर आप अपने हथियार को पूरे देख में ले जाना लागू करवाना चाहते है तो इसके लिए आर्म्स एक्ट के नियम 1962 के रूल नं 53 के तहत लागू करवा सकते है। इसके बाद आप देश के किसी भी हिस्से में अपने हथियार के साथ जा सकते है। लेकिन ऐसा बहुत कम लोगो के लिए सरकार करती है। इसके लिए राज्य सरकार के अधिकारी को भारत सरकार के गृहमंत्रालय को बताना जरुरी होता है। अगर गृह मंत्रालय इस पर सहमत हो जाता है तो आपको पूरे देश में अपने हथियार के साथ घूमने की इजाजत होती है। वैसे इसकी अनुमति बहुत कम लोगो को मिलती है।

लाइसेंस देने में इन्हे दी जाती है प्राथमिकता -
• अपराध पीड़ित
• विरासत
• व्यापारी/ उद्यमी
• बैंक/ संस्थागत वित्तीय संस्थान
• विभिन्न विभागों में ऐसे कार्यरत कर्मी जो प्रवर्तन में कार्य है
• सैनिक/ अर्धसैनिक/ पुलिस बल के कर्मी
• एमएलए/ एमएलसी/ एमपी
• राज्य/ राष्ट्रीय/ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज

आवेदन पत्र के साथ जरुरी साक्ष्य -
• आधार कार्ड की छायाप्रति
• पैनकार्ड की छायाप्रति
• भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत पहचान पत्र की छायाप्रति
• आवेदन के उल्लेखित व्यापार कर जीएसटी का विवरण की छायाप्रति
• आवेदक कृषक है तो वर्तमान खतौनी, किसानवही की छायाप्रति
• आवेदक का आयकर का विवरण की छायाप्रति
• सामान्य निवास प्रमाण पत्र की छायाप्रति
• मानसिक और शारारिक प्रमाण पत्र (मुख्य चिकित्साधिकारी निर्गत) 
• शपथ पत्र (10 रुपये के स्टाम्प पर) 
• वारिसान प्रमाण (अगर विरासत लाइसेंस है)

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1 comments:

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CHHAVI TYAGI
admin
10 October 2019 at 22:50 ×

nice information

Congrats bro CHHAVI TYAGI you got PERTAMAX...! hehehehe...
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