Railway में टेंडर कैसे ले। Railway में रजिस्ट्रेशन कैसे कराये। ~ Sikho Tech

Railway में टेंडर कैसे ले। Railway में रजिस्ट्रेशन कैसे कराये।


Railway में टेंडर कैसे ले। Railway में रजिस्ट्रेशन कैसे कराये। 

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जैसा कि हम सभी जानते है कि  रेलवे देश में एक सबसे बड़ा नियोक्ता है। रेलवे देश के हर कोने में फैला है इसलिए इसके साथ अपार सम्भवनाये भी होती है। रेलवे के विकास के लिए इंफ्रास्टक्टर, टेक्नोलॉजी में सरकार और प्राइवेट कंपनी भारी निवेश करती है जो व्यापक मात्रा में रोजगार के साथ साथ स्वरोजगार की भी बहुत संभावनाएं पैदा करता है। आज हम आपको रेलवे में कैसे नए कॉन्ट्रैक्टर कैसे बने इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे है। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके बहुत काम आएगी और अगर आप अपना स्वरोजगार करना चाहते है तो भी से आपको बहुत अधिक मदद मिलेगी।



रजिस्ट्रेशन क्या है

e tendering railway  सामान्य तौर पर आप अगर किसी भी रेलवे के किसी भी विभाग से काम लेना चाहते है तो आपको एक पंजीकरण रेलवे की उसी शाखा में करना होता है जिसमे आप कोई भी कार्य करना चाहते है। इसके लिए आपको कुछ जरुरी फॉर्म भरके जमा कराने पड़ते है। इन फॉर्म में आपको और आपकी फर्म की सम्पूर्ण जानकारी ली जाती है जिससे आपका एक प्रोफाइल तैयार हो सके। इस प्रोफाइल के माध्यम से ही आपकी वास्तविक जानकारी रेलवे को पता चल पायेगी। इसके लिए आप जिस जोन में रजिस्ट्रेशन करना चाहते है वहां के जोनल ऑफिस में आपको पेपर सम्बन्धी पूर्ण जानकारी मिल जाएगी। यहाँ पर वैसे हम आपको पूर्ण जानकारी देंगे परन्तु कोई नया अपडेट या बदलाव होता है तो आपको विभाग में जा कर पता कर सकते है।


कौन सी कैटेगरी में रजिस्ट्रेशन होगा
रेलवे में पंजीकरण मुख्य रूप से 4 कैटेगरी में होता है। जिसमे A, B, C और D  है। राज्य सरकार की भांति ही यहाँ पर आपको सबसे पहले डी क्लास में ही पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करना होगा। इसके लिए आपको कुछ जरुरी कागजात जमा करने पड़ सकते है।
• E tender Registration
• Tender Search

रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस क्या है


railway me tender kaise dale. क्लास डी में रजिस्ट्रेशन होने के पश्चात ही  आपका क्लास सी में रजिस्ट्रेशन अपडेट होगा।  डी क्लास में पजीकरण के लिए आपको अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी रजिस्ट्रेशन के साथ में किसी दो काम का एक्सपीरियंस होना चाहिए। इसके आलावा आपके पास सम्बंधित ट्रेड में डिग्री/ डिप्लोमा भी होना अनिवार्य है। आपके पास एक्सपीरियंस अधिशासी अभियंता से नीचे का मान्य नहीं होगा। अगर आपके पास इनमे से कोई भी डॉक्यूमेंट नहीं है तो आपका रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको 15000/- रूपये (डी क्लास के लिए) एक एफडीआर देना होगा जो कि आपको Sr.DEN(Co) in Division and Dy. CE(C) in Construction के नाम बाधक बंधक करना होगा।

कितनी फीस जमा करनी होगी
इसके साथ आपको 5000/- रूपये का एक बैंक ड्राफ्ट भी जमा करना होगा जो की नॉन रिफंडेबल होगा यानि ये पैसा आपका वापस नहीं होगा। यह रजिस्ट्रेशन की फीस के रुप के आपसे लिया जायेगा। ये फीस आपकी तीन साल के लिए होगी यानि तीन साल तक आपका रजिस्ट्रेशन मान्य होगा। अगर आपका रजिस्ट्रेशन पहले से है। किसी नीचे की क्लास में है और आप ऊपर की क्लास में रजिस्ट्रेशन करना चाहते है तो ये फीस आपकी और बढ़ जाएगी।


• अगर आपका रजिस्ट्रेशन पहले से D क्लास में है और आप C क्लास में करना चाहते है तो आपको 7500/- रूपये रजिस्ट्रेशन फीस के लिए देने होंगे।
• अगर आपका रजिस्ट्रेशन पहले से  C क्लास में है और आप B क्लास में करना चाहते है तो आपको 10000/- रूपये रजिस्ट्रेशन फीस के लिए देने होंगे।
• अगर आपका रजिस्ट्रेशन पहले से B क्लास में है और आप A क्लास में करना चाहते है तो आपको 15000/- रूपये रजिस्ट्रेशन फीस के लिए देने होंगे।

ई-टेंडरिंग को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने https://www.ireps.gov.in नाम से डेडिकेटेड पोर्टल भी लॉन्च किया है।

जब आप  इन सभी डॉक्यूमेंट को विभाग में जमा करायेगे जिसके उपरांत आके सभी पेपर की गहन जाँच की जाएगी। अगर जाँच में आपके द्वारा दी गयी सभी जानकारी पूर्ण पायी जाती है तब ही आपका रजिस्ट्रेशन किया जायेगा।


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